Monday, March 8, 2010

वन्देमातरम

भारत में बढ़ रहे भ्रष्टाचार,तुष्टिकरण,व आम जनता में फ़ैल रहे डर को मिटाने में सहयोग करेगा आपका ये ब्लॉग। सभी राष्ट्रवादियों से आशा करता हूँ कि इस लड़ाई में मेरा साथ देंगे। इसी के साथ ॐ के साथ आरम्भ करता हूँ।
वन्देमातरम

2 comments:

  1. Welcome & Congratulations
    DO START STRONGLY AND BOLDLY

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  2. चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

    सदा बहार सजीला है रसूल मेरा
    हो लाखपीर रसीला है रसूल मेरा
    जहे जमाल छबीला है रसूल मेरा
    रहीने इश्क रंगीला है रसूल मेरा

    चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

    किसी की बिगड़ी बनाना है ब्याह कर लेंगे
    बुझा चिराग जलाना है ब्याह कर लेंगे
    किसी का रूप सुहाना है ब्याह कर लेंगे
    किसी के पास खजाना है ब्याह कर लेंगे

    चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

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